सैलरी की असलियत
आम state university MCA के लगभग आधे छात्र TCS, Infosys, Wipro, Cognizant, HCL जैसी service कंपनियों में ₹4–7 LPA से शुरुआत करते हैं — Tier-3 कॉलेज के B.Tech CS फ्रेशर जैसी ही राह। नीचे के लगभग 30%, ख़ासकर औसत निजी MCA से, ₹2.5–4 LPA पर छोटी IT फ़र्मों या support roles में जाते हैं, और 6–12 महीने की off-campus तलाश आम है। ऊपर के लगभग 15% — टॉप NIT और IIT MCA — ₹10–18 LPA पर Cisco, SAP Labs, Adobe जैसी कंपनियों में जाते हैं, और सबसे ऊपर के 5% Microsoft, Amazon, Goldman Sachs में ₹25–45 LPA तक के ऑफ़र पाते हैं। अनुभव के साथ लगभग 5 साल में ₹22 LPA और senior या tech lead स्तर पर ₹35 LPA तक का रास्ता है, पर यह कॉलेज से ज़्यादा आपकी skill पर टिका है।
फीस और ख़र्च
सरकारी संस्थानों (NIT, IIIT, केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालय) में MCA की फीस ₹40,000–₹1,50,000 सालाना है, जबकि निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ₹80,000–₹3,00,000 सालाना। हॉस्टल ₹50,000–₹1,20,000 और खाना-रहन-सहन ₹40,000–₹70,000 सालाना अलग से लगता है। JNU और BHU जैसे केंद्रीय विश्वविद्यालयों में फीस सबसे कम रहती है, इसलिए CUET PG को हल्के में न लें।
कुल ख़र्च की असलियत
2 साल का पूरा खर्च सरकारी संस्थान में लगभग ₹1.2 लाख से शुरू होता है और निजी कॉलेज में हॉस्टल समेत ₹7 लाख तक जाता है। NIT MCA में यह खर्च पहले साल की सैलरी से ही निकल आता है, पर कमज़ोर निजी MCA के लिए ₹5–6 लाख का लोन लेकर ₹3–4 LPA की नौकरी पर पहुँचना घाटे का सौदा है। ध्यान दें कि 4th semester में 6 महीने की industry internship होती है — अच्छे संस्थानों में इसमें ₹40,000–₹1,00,000 महीना तक stipend मिलता है, जो खर्च का बड़ा हिस्सा वापस ले आता है, जबकि छोटे कॉलेजों में यह ₹5,000–₹12,000 महीना रहता है। NSP से SC/ST/OBC छात्रवृत्ति, AICTE की Pragati/Saksham योजनाएँ, NIT की merit scholarships और राज्य की scholarships देखें; Vidya Lakshmi पोर्टल पर एजुकेशन लोन की तुलना करें।
कॉलेज टियर का असर
MCA में कॉलेज ही सबसे बड़ा फ़ैसला है। Tier-1 (NIT त्रिची, वारंगल, सुरतकल, MNNIT प्रयागराज और IIT स्तर के MCA) में 90–95% placement और औसत पैकेज ₹10–18 LPA होता है; Microsoft, Amazon, Goldman Sachs, Adobe जैसी product कंपनियाँ campus पर आती हैं और internship से PPO मिलना मुख्य रास्ता है। Tier-2 (Pune University, Anna University, Jadavpur, Hyderabad Central University जैसे अच्छे विश्वविद्यालय) में 60–75% placement और ₹4–7 LPA की शुरुआत आम है, ज़्यादातर service कंपनियों में, जबकि ऊपर के लगभग 15% मध्यम product कंपनियों तक पहुँचते हैं। Tier-3 औसत निजी MCA कॉलेजों में सिर्फ़ 30–45% placement और ₹3–4 LPA, और बहुत से छात्र बिना नौकरी के निकलते हैं। ऐसे कॉलेज में हैं तो GitHub, LinkedIn और coding communities से अपना नेटवर्क ख़ुद बनाना होगा।
योग्यता
किसी भी मान्यता प्राप्त 3+ साल की ग्रेजुएशन में कम से कम 50% अंक चाहिए (SC/ST/OBC के लिए 45%)। Maths ज़रूरी है — या तो 12वीं में या ग्रेजुएशन में एक पेपर के रूप में। आम feeder डिग्रियाँ हैं: BCA, B.Sc, Maths वाले B.Com और BA, और B.E./B.Tech। NIMCET की अपनी शर्तें कुछ अलग हो सकती हैं, इसलिए उस साल का information brochure ज़रूर पढ़ें; ग्रेजुएशन के आख़िरी साल के छात्र भी आमतौर पर आवेदन कर सकते हैं।
प्रवेश परीक्षा की असलियत
सबसे प्रतिष्ठित रास्ता NIMCET है — NITs और कुछ IIITs के MCA के लिए अखिल भारतीय परीक्षा, जिसमें Maths, Reasoning, Computer Awareness और General English पूछे जाते हैं। इसमें लगभग 50,000 उम्मीदवार NITs की लगभग 2,000 MCA सीटों के लिए लड़ते हैं, और टॉप NITs के लिए 99+ percentile चाहिए; MNNIT प्रयागराज समेत हिंदी पट्टी के कुछ NIT भी इसमें शामिल रहते हैं — भाग लेने वाले संस्थानों की सूची हर साल notification में देखें। JNU, BHU, University of Hyderabad और दूसरे केंद्रीय विश्वविद्यालयों में एडमिशन CUET PG से होता है। राज्य विश्वविद्यालयों और AKTU जैसे तकनीकी विश्वविद्यालयों से जुड़े कॉलेजों में राज्य की अपनी प्रवेश या काउंसलिंग प्रक्रिया चलती है — तारीख़ें आधिकारिक वेबसाइट पर देखें। सबसे समझदारी यही है कि NIMCET, CUET PG और अपने राज्य की परीक्षा, तीनों के फ़ॉर्म एक साथ भरें, क्योंकि Maths और reasoning की तैयारी सबमें काम आती है।