11वीं
NEET UG (मेडिकल प्रवेश परीक्षा)
MBBS, BDS और AYUSH के लिए एक ही राष्ट्रीय परीक्षा — लेकिन "qualify" होने और सरकारी सीट मिलने के बीच बहुत लंबी दूरी है।
NEET UG देश में MBBS, BDS, BAMS, BHMS और दूसरे AYUSH कोर्सों में दाखिले की एकमात्र केंद्रीय परीक्षा है, जिसे NTA आयोजित करती है — AIIMS और JIPMER में भी एडमिशन इसी से होता है। 2026 में 3 मई 2026 की परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द हुई और 21 जून 2026 को दोबारा (Re-NEET) आयोजित की गई; रिज़ल्ट 16 जुलाई 2026 को आया। इस साल 22.8 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन किया और 11.21 लाख qualify हुए, जबकि 2026–27 में MBBS की कुल 1,40,664 सीटें हैं — इनमें से सिर्फ 64,121 सरकारी कॉलेजों में। यही अंतर इस परीक्षा की असली कहानी है। NEET का पेपर हिंदी में भी दिया जा सकता है।
2026 में क्या बदला
- जुलाई 2026
16 जुलाई 2026 को रिज़ल्ट: 22.8 lakh रजिस्ट्रेशन में से 11.21 लाख क्वालिफ़ाई।
स्रोत: NTA on X, NEET (UG) 2026 result - जून 2026
3 मई 2026 की परीक्षा पेपर लीक के बाद रद्द हुई; NTA ने 21 जून 2026 को कड़ी सुरक्षा में NEET UG दोबारा कराई।
स्रोत: Collegedunia, Re-NEET 2026 explained - 2026
2026–27 के लिए MBBS सीटें: 1,40,664 (सरकारी 64,121)।
स्रोत: CareerIndia, NMC MBBS seat matrix 2026–27
इस रास्ते की अगली तारीखें
- NEET UG 2027फ़ॉर्म शुरू: फ़र 2027संभावितPlan B और दस्तावेज़ →
योग्यता
12वीं में Physics, Chemistry, Biology/Biotechnology और English होना ज़रूरी है। PCB में न्यूनतम अंक आम तौर पर General के लिए 50%, SC/ST/OBC के लिए 40% और PwBD के लिए 45% हैं। प्रवेश वाले साल की 31 दिसंबर तक उम्र कम से कम 17 साल होनी चाहिए; फ़िलहाल कोई ऊपरी उम्र-सीमा नहीं है। राज्य कोटे की सीटों के लिए डोमिसाइल (निवास) के नियम हर राज्य के अलग हैं — UP, बिहार, MP या राजस्थान में 10वीं-12वीं कहाँ से पास की, इस पर भी पात्रता टिक सकती है। इसलिए अपने राज्य की काउंसलिंग अथॉरिटी का ब्रोशर रिज़ल्ट से पहले ही पढ़ लें।
परीक्षा पैटर्न की असलियत
NEET UG में 180 अनिवार्य MCQ आते हैं — Physics 45, Chemistry 45 और Biology 90 (Botany + Zoology)। कुल अंक 720, समय 3 घंटे (180 मिनट)। सही उत्तर पर +4, गलत पर −1 और छोड़े गए सवाल पर 0। यह पेन-पेपर (OMR) परीक्षा है, इसलिए गोले भरने की आदत और समय-प्रबंधन उतना ही ज़रूरी है जितना ज्ञान। आधे अंक अकेले Biology से आते हैं, पर रैंक का फ़र्क अक्सर Physics तय करती है — ज़्यादातर PCB छात्र यहीं पिछड़ते हैं।
तैयारी की असलियत
NEET असल में NCERT की परीक्षा है। 2 साल की योजनाबद्ध PCB तैयारी आदर्श है: Biology के लिए NCERT की लाइन-दर-लाइन रीडिंग, Physics के लिए रोज़ न्यूमेरिकल, और 12वीं के अक्टूबर से हर हफ्ते OMR शीट के साथ एक पूरा 3 घंटे का मॉक। मेट्रो शहरों में 2 साल की क्लासरूम कोचिंग ₹3–6 लाख की होती है; कोटा जैसे रेज़िडेंशियल कोचिंग हब में रहने-खाने का ₹1.5–2.5 लाख सालाना अलग। NCERT और अच्छी टेस्ट-सीरीज़ से सेल्फ़-स्टडी ₹30,000 से कम में संभव है, और परीक्षा फीस (General के लिए लगभग ₹1,700–2,000; मौजूदा बुलेटिन देखें) छोटा खर्च है। NEET उन गिनी-चुनी परीक्षाओं में है जहाँ सोच-समझकर लिया गया एक ड्रॉप ईयर अक्सर काम करता है — पर तभी, जब पहले प्रयास के अंक सरकारी सीट के दायरे से लगभग 100 अंक के भीतर हों और कमी साफ़ पहचानी जा सके।
सिलेबस की असलियत
सिलेबस NCERT 11वीं-12वीं पर आधारित है। Biology में NCERT की लाइनें, डायग्राम, टेबल और उदाहरण लगभग जस के तस पूछे जाते हैं, इसलिए यहाँ कोई रेफ़रेंस बुक NCERT की जगह नहीं ले सकती। Chemistry में NCERT के रिएक्शन, Inorganic के तथ्य और Physical के सवाल आते हैं; Physics में Mechanics, Electricity और Optics के न्यूमेरिकल। Biology रटकर भी अंक दे देती है, Physics नहीं — उसे रोज़ सवाल हल किए बिना सुधारा नहीं जा सकता।
तैयारी का रोडमैप
12वीं
सिलेबस पूरा और नियमित मॉक
रिज़ल्ट के बाद
काउंसलिंग और Plan B
अभिभावकों के लिए सलाह
सरकारी MBBS सीटें कम हैं: कुल 1,40,664 में से 64,121। सरकारी कॉलेजों की 15% सीटें All India Quota से MCC की काउंसलिंग में भरी जाती हैं, और बाकी राज्य कोटे से राज्य की काउंसलिंग में — जैसे UP में DGME UP, बिहार में BCECEB, MP में DME और राजस्थान की NEET UG काउंसलिंग। दोनों के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है। General वर्ग के लिए सरकारी सीट आम तौर पर 720 में 600+ अंक पर मिलती रही है; राज्य कोटा, वर्ग और साल की कठिनाई से यह रेखा ऊपर-नीचे होती है। सरकारी सीट नहीं मिली तो प्राइवेट/डीम्ड MBBS का कुल खर्च ₹60 लाख से ₹1 करोड़ से भी ज़्यादा जा सकता है। इसलिए रिज़ल्ट से पहले ही घर में तय कर लें कि कर्ज़ की सीमा क्या है और Plan B क्या होगा (BDS, BAMS, B.Sc Nursing, BPT, B.Pharm)। "मैनेजमेंट कोटा" दिलाने का वादा करने वाले एजेंटों से दूर रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या NEET qualify होने का मतलब सरकारी MBBS सीट है?
नहीं। 2026 में 11.21 लाख उम्मीदवार qualify हुए, पर सरकारी MBBS सीटें सिर्फ 64,121 हैं। क्वालिफ़ाइंग कटऑफ (लगभग 50वाँ पर्सेंटाइल) केवल काउंसलिंग में बैठने का हक देती है; सीट रैंक, वर्ग, राज्य कोटे और सीटों की संख्या से तय होती है।
NEET 2026 दोबारा क्यों हुई?
3 मई 2026 की परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA ने रद्द की और मामला CBI को सौंपा गया। 21 जून 2026 को कड़ी सुरक्षा में Re-NEET हुई और 16 जुलाई 2026 को रिज़ल्ट आया। इसी वजह से 2026 की काउंसलिंग सामान्य से देर से शुरू हुई।
NEET 2027 कब होगी?
NTA ने अभी NEET 2027 की अधिसूचना जारी नहीं की है। पिछले वर्षों के पैटर्न के हिसाब से आवेदन फरवरी 2027 में और परीक्षा मई 2027 की शुरुआत में अपेक्षित है — पक्की तारीख सिर्फ neet.nta.nic.in पर ही देखें।
MCC और राज्य काउंसलिंग में क्या फ़र्क है?
MCC सरकारी कॉलेजों की 15% All India Quota सीटें, AIIMS, JIPMER और डीम्ड/केंद्रीय विश्वविद्यालयों की सीटें भरती है। राज्य कोटे की सीटें और ज़्यादातर प्राइवेट कॉलेजों की सीटें राज्य की काउंसलिंग से भरी जाती हैं — UP में DGME UP, बिहार में BCECEB, MP में DME, राजस्थान में राज्य की NEET UG काउंसलिंग। दोनों में अलग रजिस्ट्रेशन करें और हर राउंड की तारीखें आधिकारिक साइट पर देखें।
अगर सिर्फ सरकारी कॉलेज की फीस दे सकते हैं, तो क्या करें?
तो लक्ष्य ईमानदारी से तय करें: सरकारी MBBS का स्कोर-बैंड, या पहले से तय बैकअप — सरकारी कॉलेज में BDS, BAMS या नर्सिंग, जो कहीं सस्ते हैं। फ़ैसला रिज़ल्ट से पहले कर लेना आपको काउंसलिंग के समय की घबराहट और प्राइवेट कॉलेज के एजेंटों, दोनों से बचाता है।
हमारी अंतिम सलाह
NEET डॉक्टर बनने का मुख्य दरवाज़ा है, लेकिन "qualify" और "सरकारी सीट" में बड़ा फ़र्क है। अंकों का यथार्थवादी अनुमान, घर का बजट और Plan B रिज़ल्ट से पहले तय करें, और 2027 की तारीखों के लिए सिर्फ NTA की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।